Nitish Kumar
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    Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ उस समय आया जब पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। यह शपथ C. P. Radhakrishnan ने अपने कक्ष में एक संक्षिप्त समारोह के दौरान दिलाई। इस कदम के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

    बड़े नेताओं की मौजूदगी में हुआ समारोह-

    इस मौके पर कई बड़े नेता मौजूद रहे, जिनमें J. P. Nadda, Nirmala Sitharaman और Arjun Ram Meghwal शामिल थे। इसके अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत देती है, कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

    विधान परिषद से इस्तीफा-

    राज्यसभा पहुंचने से पहले Nitish Kumar ने 30 मार्च को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। मार्च की शुरुआत में ही उनके राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद यह कदम उठाया गया। इससे साफ है, कि उन्होंने पहले से ही अपनी नई राजनीतिक भूमिका की तैयारी कर ली थी।

    नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बरकरार-

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है, कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 14 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकता है। हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, जिससे सस्पेंस बना हुआ है।

    इन नामों पर चल रही चर्चा-

    राजनीतिक गलियारों में कई नाम चर्चा में हैं। इनमें Samrat Choudhary का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री Nityanand Rai भी रेस में माने जा रहे हैं, जिन्हें Amit Shah का करीबी माना जाता है। वहीं कुछ चर्चाओं में नीतीश कुमार के बेटे का नाम भी सामने आ रहा है, हालांकि वह अब तक राजनीति में सक्रिय नहीं रहे हैं।

    नीतीश कुमार का सियासी सफर-

    Nitish Kumar का राजनीतिक करियर भारतीय राजनीति में एक अलग ही उदाहरण माना जाता है। 1985 में विधायक बनने से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री और फिर 2005 में बिहार के मुख्यमंत्री बनने तक, उन्होंने लंबा सफर तय किया है। खास बात यह रही, कि 2013 के बाद उन्होंने कई बार अपने गठबंधन बदले, कभी भाजपा के साथ तो कभी महागठबंधन के साथ।

    बार-बार बदलते गठबंधन-

    नीतीश कुमार की राजनीति को “गठबंधन की कला” भी कहा जाता है। 2013, 2017, 2022 और 2024 में उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक समीकरण बनाए, लेकिन हर बार अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी। 2025 में उन्होंने रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत साबित किया।

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    बिहार में नई राजनीति का दौर-

    राज्यसभा में जाने के बाद अब यह साफ है, कि बिहार में एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू होने जा रहा है। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री का चेहरा और नई सरकार की दिशा तय करेगी कि राज्य की राजनीति किस ओर जाएगी।

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    By sumit

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