Government Update: देशभर में इन दिनों अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध जैसे माहौल की खबरें लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। कई जगह पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जिससे आम आदमी के मन में डर बैठ गया है, कि कहीं पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस की कमी न हो जाए। लेकिन इसी बीच केंद्र सरकार ने साफ शब्दों में कहा हैस कि घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार के मुताबिक देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सप्लाई चेन पूरी तरह सुचारु है।
सरकार का आश्वासन-
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने लोगों से अपील की है, कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का स्टॉक भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोगों को पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाने या गैस सिलेंडर की एडवांस बुकिंग करने की कोई जरूरत नहीं है। जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदने की सलाह दी गई है ताकि अनावश्यक दबाव न बने।
छोटे गैस सिलेंडर से आम लोगों को राहत-
सरकार ने आम जनता की सुविधा के लिए 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर की उपलब्धता भी आसान कर दी है। अब कोई भी व्यक्ति सिर्फ एक वैध पहचान पत्र दिखाकर इसे खरीद सकता है, इसके लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं है। 23 तारीख से अब तक करीब 57 लाख छोटे सिलेंडर बिक चुके हैं। खासकर किराए पर रहने वाले लोगों और जिनके पास स्थायी पता नहीं है, उनके लिए यह सुविधा काफी मददगार साबित हो रही है।
डिजिटल इंडिया का असर-
‘डिजिटल इंडिया’ पहल का असर अब गैस बुकिंग में भी साफ दिखाई दे रहा है। करीब 95 प्रतिशत गैस बुकिंग अब ऑनलाइन हो रही है, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। हाल ही में एक ही दिन में 51 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी की गई, जो सरकार की मजबूत सप्लाई व्यवस्था को दर्शाता है।
वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा-
सरकार लोगों को PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस), इंडक्शन स्टोव और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे विकल्प अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रही है। पिछले महीने से 3.5 लाख से ज्यादा नए घरों में PNG कनेक्शन शुरू हो चुके हैं और करीब 3.8 लाख लोगों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इससे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होगी।
अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद सप्लाई सुरक्षित-
समुद्री मार्गों पर भी सरकार की नजर बनी हुई है, जिससे ईंधन की सप्लाई बाधित न हो। हाल ही में ‘ग्रीन सैनवी’ नाम का एलपीजी जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुका है, जिसमें 46,650 मीट्रिक टन गैस थी। इस पर 25 भारतीय नाविक सवार थे। फिलहाल पश्चिमी फारस की खाड़ी में 17 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर 460 भारतीय नाविक तैनात हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
विदेशों से भारतीयों की सुरक्षित वापसी-
एविएशन सेक्टर में भी स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। 28 फरवरी के बाद से करीब 6.75 लाख भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। अबू धाबी में हुए हमले में घायल 5 भारतीयों में से 4 ठीक होकर घर लौट चुके हैं, जबकि एक का इलाज जारी है। विदेशों में भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय हैं और हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।
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मजबूत है भारत की ऊर्जा सुरक्षा-
सरकार ने दोहराया है, कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत स्थिति में है। कच्चे तेल का आयात और गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी है। अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद भारत ने अपने सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाए रखा है। सरकार ने लोगों से अपील की है, कि वे अफवाहों से दूर रहें और वैकल्पिक ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाएं ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ती रहे।
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