LPG Refill Rule Changed: वैश्विक तेल संकट के बीच भारत सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है। यह फैसला जमाखोरी रोकने और गैस की न्यायसंगत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
अब पहले से जल्दी नहीं मिलेगा सिलेंडर-
सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए अब कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह सीमा 21 दिन थी। सरकार का मानना है, कि कुछ लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर जमा कर रहे थे, जिससे आम जरूरतमंद परिवारों को दिक्कत हो रही थी। इस बदलाव से यह सुनिश्चित किया जाएगा, कि गैस की आपूर्ति सभी घरों तक बराबरी से पहुंचे और कृत्रिम किल्लत न पैदा हो।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें-
सूत्रों के मुताबिक, जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहती है, तब तक देश में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने रहने की उम्मीद है। फिलहाल अनुमान है, कि कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहेगी। सरकार ने साफ किया है, कि देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है, कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा तेल न खरीदें।
होर्मुज से हटकर नए रास्तों से मंगा रहे हैं तेल-
खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंकाओं के बीच भारत ने पहले से ही सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए होर्मुज के बाहर के वैकल्पिक रास्तों से कच्चे तेल की आपूर्ति तेज कर दी है। यह दूरदर्शिता भारत को उन देशों से बेहतर स्थिति में रखती है, जो अभी भी इस संकट से जूझ रहे हैं। हैरानी की बात यह है, कि कई देश अब भारत से संपर्क कर उसकी तैयारी और भंडार की स्थिति समझने की कोशिश कर रहे हैं।
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विमान ईंधन की भी कोई कमी नहीं-
सरकारी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया, कि देश में विमानन ईंधन यानी ATF का पर्याप्त भंडार है और इसे लेकर किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों ने बताया, कि भारत न केवल ATF का उत्पादन करता है, बल्कि इसका निर्यात भी करता है, इसलिए हवाई यात्रा पर किसी तरह का असर पड़ने की संभावना नहीं है। कुल मिलाकर वैश्विक ऊर्जा संकट के इस दौर में भारत की स्थिति मजबूत बनी हुई है और सरकार हर मोर्चे पर सतर्कता के साथ काम कर रही है।
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