Northeast Girl Students Delhi Attack: रविवार की शाम दिल्ली के साकेत ज़िला न्यायालय परिसर के पास एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। पूर्वोत्तर भारत से आई एक लड़की और उसकी सहेली बस सामान्य सैर पर निकली थीं, कि कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके साथ अभद्र और नस्लीय टिप्पणियां कीं। जब लड़की ने इसका विरोध किया, तो हालात बिगड़ गए और आरोपियों ने उस पर बेल्टों से हमला कर दिया।
घायल लड़की को तुरंत सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। यह घटना उन लाखों पूर्वोत्तर के युवाओं के दिलों में डर पैदा करती है, जो बेहतर भविष्य की तलाश में दिल्ली जैसे महानगरों में पढ़ने आते हैं।
मालवीय नगर में भी हुई वारदात-
टाइम्स नाउ के मुताबिक, साकेत की घटना के थोड़ी देर बाद ही मालवीय नगर इलाके से भी इसी तरह की एक और खबर आई। पूर्वोत्तर की दो और लड़कियों के साथ नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियों के बाद मारपीट की गई। एक लड़की को चोटें आईं और उसे भी अस्पताल भेजना पड़ा। एक ही शाम में दो अलग-अलग जगहों पर एक ही समुदाय की लड़कियों पर हमला, यह महज़ संयोग नहीं बल्कि एक गहरी और चिंताजनक सच्चाई की तरफ इशारा करता है।
फरवरी में भी हो चुकी है ऐसी घटना-
यह पहली बार नहीं है, जब मालवीय नगर में पूर्वोत्तर के लोगों को निशाना बनाया गया हो। बीते फरवरी महीने में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं को उनके किराये के मकान में मरम्मत के काम को लेकर हुए विवाद के बाद पड़ोसियों ने नस्लीय गालियां दीं, अपमानित किया और डराया-धमकाया।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दो आरोपियों हर्ष सिंह और उसकी पत्नी रूबी जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया और दोनों को बाद में गिरफ्तार किया गया। इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे और ताज़ा हमलों ने साफ कर दिया कि समस्या की जड़ें बहुत गहरी हैं।
दिल्ली में पूर्वोत्तर के छात्र कितने सुरक्षित?
ये घटनाएं एक बड़े और गंभीर सवाल को जन्म देती हैं, क्या राजधानी दिल्ली पूर्वोत्तर भारत के छात्रों के लिए सुरक्षित है? हर साल हज़ारों युवा मणिपुर, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल और असम जैसे राज्यों से पढ़ाई और नौकरी के लिए दिल्ली आते हैं। वे इस देश के उतने ही नागरिक हैं।
ये भी पढ़ें- Taxi Driver ने की महिला के साथ दुष्कर्म की कोशिश, लड़की ने जंगल में छिपकर..
जितना कोई और लेकिन उनकी शक्ल-सूरत और बोली को लेकर उन्हें बार-बार अपमान और हिंसा का शिकार होना पड़ता है। पुलिस ने मौजूदा मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच जारी है, लेकिन असली ज़रूरत है, समाज के नज़रिये में बदलाव की, क्योंकि कानून तो हाथ पकड़ सकता है, दिल नहीं बदल सकता।
ये भी पढ़ें- Kamal Haasan ने दिखाया Trump को आईना, खुली चिट्ठी में कहा, अपने काम से काम रखो और..



