Nainital Taxi Driver Rape Attempt
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    Nainital Taxi Driver Rape Attempt: दिल्ली की एक महिला ने पहाड़ों का सुकून ढूंढने के लिए अकेले सफर का फैसला किया। वो खुद गाड़ी चलाकर उत्तराखंड पहुंची और रात के वक्त नैनीताल की तरफ जा रही थी। लेकिन उसका यह सपना उस पल बुरे सपने में बदल गया, जब टैक्सी चालक ने रास्ते में ही उसके इरादे बदल दिए। चालक ने अचानक हाईवे पर U-turn लिया और गाड़ी को Patwa Dangar की तरफ मोड़ दिया, जो उसकी मंज़िल से बिल्कुल अलग दिशा थी।

    महिला ने विरोध किया, चालक ने हद पार की-

    महिला को शक हुआ और उसने तुरंत आवाज़ उठाई। उसने चालक से सवाल किया, कि वो गलत रास्ते पर क्यों जा रहा है। लेकिन चालक ने उसकी एक नहीं सुनी, गाड़ी रोकी और दुष्कर्म का प्रयास किया। डर और दहशत के उस पल में भी महिला ने हिम्मत नहीं हारी। किसी तरह उसने खुद को छुड़ाया और पास के जंगल की तरफ भाग गई। चालक मौके से फरार हो गया और अपने जाते-जाते महिला का मोबाइल फोन भी छीन ले गया।

    जंगल में अकेली रात-

    बिना फोन के, घायल अवस्था में, रात के घने अंधेरे में जंगल के अंदर, यह किसी के लिए भी टूट जाने की स्थिति होती। लेकिन उस महिला ने पूरी रात जंगल में सड़क के किनारे छिपकर गुज़ारी। एक तरफ जंगली जानवरों का खतरा था, दूसरी तरफ ठंड और अनजान जगह का डर। फिर भी वो डटी रही। जब सुबह की रोशनी फैली तो वो जंगल से बाहर निकली और कुछ स्थानीय लोगों ने उसे देखा।

    सुबह हुई, FIR दर्ज हुई, आरोपी पकड़ा गया-

    स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। महिला को नज़दीकी थाने ले जाया गया जहां उसने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 376(1) और 505(1)(b) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद CCTV फुटेज, टैक्सी नंबर और GPS लोकेशन की मदद से पुलिस ने देर न करते हुए आरोपी को धर दबोचा। आरोपी की पहचान हल्द्वानी निवासी दीपक सिंह बोरा के रूप में हुई। पुलिस ने महिला का छीना हुआ मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया और गाड़ी भी ज़ब्त कर ली।

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    सवाल जो हर बार उठता है क्या अकेली महिला सुरक्षित है?

    उत्तराखंड पुलिस प्रवक्ता ने कहा, कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पर्यटकों की सुरक्षा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। पुलिस ने टैक्सी संचालकों से भी अपील की, कि वाहन चलाने से पहले चालकों का पूरा सत्यापन करें। इस महिला ने अपनी हिम्मत से खुद को बचा लिया, लेकिन सवाल यह है, कि क्या हर महिला यात्री के पास इतनी हिम्मत होना ज़रूरी है? क्या सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सिर्फ उन पर है या हम सबकी भी है?

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।