Rahul Gandhi Kerala Story
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    Rahul Gandhi Kerala Story: काफी विवाद और कानूनी लड़ाई के बाद पिछले हफ्ते “The Kerala Story 2” आखिरकार सिनेमाघरों में आई। यह पूरा माहौल कुछ वैसा ही था, जैसा 2023 में इसकी पहली कड़ी के साथ हुआ था, जो उस साल की नौवीं सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बनी थी। लेकिन इस बार कहानी अलग निकली। पहले हफ्ते में फिल्म मात्र ₹25.4 करोड़ ही कमा पाई और दर्शकों की प्रतिक्रिया भी काफी हद तक नकारात्मक रही। देश के कई बड़े नेताओं ने भी इस फिल्म की कड़ी आलोचना की।

    राहुल गांधी बोले-

    हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जब एक छात्र ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से इस फिल्म और सिनेमा के बढ़ते राजनीतिक इस्तेमाल पर सवाल पूछा, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। राहुल गांधी ने कहा, कि अच्छी बात यह है, कि Kerala Story के सिनेमाघर खाली नज़र आ रहे हैं और कोई इसे देख नहीं रहा। उन्होंने यह भी जोड़ा, कि इससे साफ पता चलता है, कि इस देश के अधिकतर लोग केरल की संस्कृति और परंपराओं को समझते हैं और जानते हैं, कि सच्चाई क्या है।

    फिल्में और मीडिया हथियार बन चुके हैं-

    राहुल गांधी यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, कि फिल्में, टेलीविजन और मीडिया को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, लोगों को बदनाम करने के लिए, उन्हें अलग-थलग करने के लिए और समाज में दरारें पैदा करने के लिए, जिससे कुछ लोग फायदा उठा सकें और बाकी नुकसान उठाएं।

    उनका कहना था, कि जो लोग किसी खास तरह की फिल्म बनाना चाहते हैं या अपनी बात कहना चाहते हैं, उन पर हमला होता है और उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। राहुल गांधी ने यह भी कहा, कि कुछ चुनिंदा विचारों को जानबूझकर आगे बढ़ाया जा रहा है और इसके पीछे बड़ी मात्रा में पैसा लगाया जा रहा है, जो देश के लिए नुकसानदेह है।

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    केरल के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं ने भी उठाई आवाज़-

    कांग्रेस नेता शशि थरूर पहले ही इस फिल्म को “नफरत फैलाने वाला” माध्यम बता चुके हैं। अब केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है, कि यह फिल्म केरल के खिलाफ नफरत फैलाने और यहां की धर्मनिरपेक्ष परंपराओं का अपमान करने की नीयत से बनाई गई है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

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    इस पूरे विवाद ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या आज का सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन रह गया है, या यह राजनीति का नया अखाड़ा बन चुका है? दर्शकों का रुख देखकर लगता है कि जनता खुद ही इसका जवाब दे रही है।

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।