Manorath Chaturthi 2026
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    Manorath Chaturthi 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल मनोरथ चतुर्थी शनिवार 21 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। यह पर्व हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है और इसका धार्मिक महत्व बेहद गहरा है। मान्यता है, कि इस दिन सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा करने से साधक के सभी मनोरथ यानी मन की इच्छाएं पूरी हो जाती हैं।

    इसीलिए इस तिथि को ‘मनोरथ चतुर्थी’ कहा जाता है। अगर आप किसी आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं, करियर में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं या जीवन में कोई अटका हुआ काम पूरा करना चाहते हैं, तो यह दिन आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

    व्रत और पूजा का तरीका-

    मनोरथ चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और व्रत रखा जाता है। इस शुभ अवसर पर भक्त सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ गणपति बप्पा का आवाहन करते हैं।

    पूजा में मोदक, दूर्वा घास, लाल फूल और धूप-दीप का विशेष महत्व होता है। जो लोग व्रत नहीं रख सकते, वे भी इस दिन भक्ति भाव से पूजा करके अपनी मनोकामना गणेश जी के चरणों में रख सकते हैं।

    अपनी राशि के अनुसार जपें ये खास मंत्र-

    इस मनोरथ चतुर्थी पर पूजा को और भी प्रभावशाली बनाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में राशि अनुसार, अलग-अलग मंत्रों का जप करने की सलाह दी जाती है। मेष राशि के जातक ‘ॐ प्रमुखाय नमः’ और वृषभ राशि के जातक ‘ॐ सुमुखाय नमः’ मंत्र का जप करें। मिथुन राशि वाले ‘ॐ महाकालाय नमः’ और कर्क राशि वाले ‘ॐ हेरम्बाय नमः’ मंत्र जपें।

    सिंह राशि के जातकों के लिए ‘ॐ महावीराय नमः’ और कन्या राशि वालों के लिए ‘ॐ प्रथमाय नमः’ मंत्र शुभ माना जाता है। तुला राशि के जातक ‘ॐ विघ्नहर्त्रे नमः’, वृश्चिक राशि वाले ‘ॐ विश्वनेत्रे नमः’ और धनु राशि वाले ‘ॐ श्रीपतये नमः’ मंत्र का जप करें।

    मकर और कुंभ राशि के जातक क्रमशः ‘ॐ शिवप्रियाय नमः’ और ‘ॐ शाश्वताय नमः’ मंत्र जपें, वहीं मीन राशि वाले ‘ॐ अग्रपूज्याय नमः’ मंत्र से गणेश जी को प्रसन्न कर सकते हैं।

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    बप्पा का आशीर्वाद-

    मनोरथ चतुर्थी सिर्फ एक धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि यह एक ऐसा मौका है, जब इंसान अपने मन की बात सीधे अपने आराध्य से कह सकता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है यानी जो सभी बाधाओं को दूर करते हैं। तो इस 21 फरवरी को अपनी राशि के अनुसार मंत्र जपें, मन में श्रद्धा रखें और गणपति बप्पा को अपनी मनोकामना सुनाएं।

    डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और ज्योतिषीय स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते। पाठकों से अनुरोध है, कि अपने विवेक का उपयोग करें।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।