Viral Video: जिंदगी के आखिरी पड़ाव में जब इंसान को सबसे ज्यादा देखभाल और सहारे की जरूरत होती है, तब ज्यादातर लोग ओल्ड एज होम जाने या रिटायरमेंट की सोचते हैं। अपनी सेफ्टी और सिक्योरिटी को प्राथमिकता देना बिल्कुल गलत नहीं है, खासकर जब उम्र ढलने लगे। लेकिन कुछ लोग इसके खिलाफ जाकर अपना रास्ता खुद बनाते हैं। उनका फैसला भले ही रिस्की लगे, लेकिन उनकी हिम्मत और आत्मसम्मान देखकर हर कोई दंग रह जाता है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है, वेस्ट बंगाल की 70 वर्षीय दीपाली घोष की।
छोटा सा फूड कॉर्नर-
दीपाली घोष अकेले रहती हैं और अपना छोटा सा फूड कॉर्नर खुद चलाती हैं। उनकी दुकान कोई शानदार रेस्तरां नहीं, बल्कि एक छोटी सी जगह है, जहां वह चावल, सब्जी जैसा खाना अपने कुछ ग्राहकों को परोसती हैं। दुकान की हालत और खुद दीपाली की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, क्योंकि यही दुकान उनका घर भी है। वह यहीं सोती हैं, यहीं रहती हैं और यहीं से अपना गुजारा चलाती हैं।
अकेली लेकिन आत्मनिर्भर-
दीपाली की हिम्मत की कहानी तब सामने आई, जब एक इन्फ्लुएंसर ने उन्हें खोज निकाला और उनकी मदद करने का बीड़ा उठाया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए, एक वीडियो में दीपाली को अपनी दिनचर्या में देखा जा सकता है। वीडियो के नैरेशन में बताया गया, कि उन्होंने ओल्ड एज होम जाने से इनकार कर दिया है। करीब 30 साल पहले उनके पति की मृत्यु हो गई थी और तब से वे अकेले अपनी दुकान चला रही हैं।
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, नेटिजन्स ने उनकी मदद करने के लिए पूछताछ शुरू कर दी। लोग फाइनेंशियल या किसी भी तरह की मदद देने को तैयार हो गए। स्टोरीजबायाराधना नाम के इंस्टाग्राम हैंडल से एक दिन पहले शेयर किए गए, इस पोस्ट को 824K से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।
दुकान का मेकओवर और मदद की पहल-
पोस्ट में लिखा गया है, कि दीपाली की दुकान का मेकओवर किया जाएगा, क्योंकि यही जगह उनका घर भी है और बिजनेस भी। पोस्ट में अपील की गई है, कि सब मिलकर इस काम को अंजाम दें, जिससे दीपाली को कम से कम इतने कस्टमर्स मिलें, कि वह अपना और अपनी दुकान का गुजारा चला सकें।
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इंटरनेट पर मिली प्रतिक्रिया देखकर लगता है, कि लोग सच में दीपाली की मदद करना चाहते हैं। एक यूजर ने लिखा, कि 70 साल की उम्र में यह बुजुर्ग महिला मेहनत और सम्मान के साथ खुद को सपोर्ट कर रही हैं। उन्होंने कभी किसी पर डिपेंड नहीं किया और आखिरी सांस तक खुद कमाने का फैसला किया है। सच में प्रेरणादायक है।
एक दूसरे यूजर ने कमेंट किया, कि मैं पैसे भेजना चाहता हूं, कृपया बताएं कहां भेजने हैं। कई लोगों ने दुकान रीबिल्ड करने में मदद की पेशकश की। हालांकि कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया, कि पोस्ट में उनका लोकेशन, नंबर, बैंक डिटेल्स या क्यूआर कोड शेयर नहीं किया गया है, तो आम व्यूअर मदद कैसे करें।
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