Samsung Galaxy S26 Ultra Leak: सैमसंग की अगली फ्लैगशिप डिवाइस Samsung Galaxy S26 Ultra को लेकर लगातार लीक्स आ रही हैं और इस बार की खबरें कुछ अच्छी तो कुछ निराशाजनक हैं। एक तरफ जहां फोन की कीमत में थोड़ी कटौती की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर बैटरी टेक्नोलॉजी के मामले में सैमसंग ने पावर यूजर्स को काफी निराश किया है। जबकि दूसरे Android ब्रांड्स नई बैटरी टेक्नोलॉजी की तरफ बढ़ रहे हैं, सैमसंग अभी भी पुरानी तकनीक पर ही टिका हुआ है। ताजा लीक्स में फोन के डिजाइन और कैमरा चेंजेस की भी झलक मिली है।
बैटरी लाइफ में कोई सुधार नहीं-
Android Headlines की एक ताज़ा लीक के मुताबिक, Samsung Galaxy S26 Ultra में 5,000mAh की बैटरी दी जाएगी। यह वही बैटरी साइज है, जो पिछले मॉडल में इस्तेमाल की गई थी। सीधे शब्दों में कहें, तो इसमें कोई अपग्रेड नहीं है। यह काफी सरप्राइजिंग है, क्योंकि Honor और Xiaomi जैसे कई ब्रांड्स सिलिकॉन-कार्बन बैटरी का इस्तेमाल करना शुरू कर चुके हैं, जो समान साइज में ज्यादा बैटरी लाइफ ऑफर कर सकती हैं।
| फीचर | लिथियम-आयन बैटरी | सिलिकॉन-कार्बन बैटरी |
|---|---|---|
| बैटरी कैपेसिटी | 5,000mAh | 5,500-6,000mAh (समान साइज में) |
| सेफ्टी | बेहद स्टेबल और सुरक्षित | एक्सपैंशन और ओवरहीटिंग का रिस्क |
| लाइफस्पैन | लंबे समय तक चलने वाली | जल्दी डिग्रेड हो सकती है |
| चार्जिंग के दौरान एक्सपैंशन | कम | ज्यादा |
| टेस्टिंग | सालों से टेस्टेड | अपेक्षाकृत नई टेक्नोलॉजी |
तो सवाल यह उठता है, कि आखिर सैमसंग इस नई बैटरी टेक्नोलॉजी से क्यों बच रहा है? दरअसल रेगुलर लिथियम-आयन बैटरीज में ग्रेफाइट का इस्तेमाल होता है और ये बेहद स्टेबल होती हैं। ये सेफ होती हैं और इन्हें सालों से टेस्ट किया जा चुका है। सिलिकॉन-कार्बन बैटरीज ज्यादा पावर स्टोर कर सकती हैं, लेकिन चार्जिंग के दौरान ये ज्यादा एक्सपैंड होती हैं और समय के साथ जल्दी खराब भी हो सकती हैं।
सैमसंग जैसी ग्लोबल कंपनी के लिए बैटरी सेफ्टी बेहद जरूरी है। स्वेलिंग या ओवरहीटिंग का थोड़ा सा भी रिस्क कंपनी की रेपुटेशन को बुरी तरह नुकसान पहुंचा सकता है। शायद यही वजह है, कि सैमसंग ने अभी सिलिकॉन-कार्बन बैटरीज का इस्तेमाल न करने का फैसला किया है। कंपनी साफ तौर पर रिलायबिलिटी को नई लेकिन रिस्की टेक्नोलॉजी के मुकाबले ज्यादा तरजीह दे रही है।
डिजाइन और स्पेसिफिकेशन्स में आए बदलाव-
डिजाइन के मामले में Samsung Galaxy S26 Ultra, S25 Ultra जैसा ही दिखता है। लीक्ड रेंडर्स में थोड़े राउंडर कॉर्नर्स और एक नया पिल-शेप्ड कैमरा मॉड्यूल दिखाई दे रहा है। यह डिजाइन हाल ही में सैमसंग के फोल्डेबल फोन्स में भी देखा गया था।
Samsung Galaxy S26 Ultra एक नजर में स्पेसिफिकेशन्स-
| स्पेसिफिकेशन | डिटेल्स |
|---|---|
| मेन कैमरा | 200MP |
| अल्ट्रा-वाइड कैमरा | 50MP |
| टेलीफोटो लेंस | 10MP |
| पेरिस्कोप कैमरा | 50MP |
| बैटरी कैपेसिटी | 5,000mAh |
| थिकनेस | 7.9mm (पहले से स्लिमर) |
| डिजाइन | राउंडर कॉर्नर्स, पिल-शेप्ड कैमरा मॉड्यूल |
| इंटरनल अपग्रेड | रीडिजाइन्ड मदरबोर्ड और कूलिंग सिस्टम |
कैमरा सेटअप में 200MP मेन कैमरा, 50MP अल्ट्रा-वाइड लेंस, 10MP टेलीफोटो लेंस और 50MP पेरिस्कोप कैमरा शामिल है। ये नंबर्स भले ही बड़े लगें, लेकिन ज्यादातर यूजर्स के लिए एक्सपीरियंस रिवोल्यूशनरी के बजाय फेमिलियर ही रहेगा।
एक अहम सुधार फोन की थिकनेस में देखने को मिल सकता है। S26 Ultra की मोटाई 7.9mm रहने की उम्मीद है, जो पहले के मुकाबले स्लिमर है। सैमसंग ने कथित तौर पर मदरबोर्ड और कूलिंग सिस्टम जैसे इंटरनल पार्ट्स को रीडिजाइन किया है ताकि बैटरी साइज कम किए बिना यह पतलापन हासिल किया जा सके।
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S25 Ultra vs S26 Ultra क्या है अंतर?
| फीचर | Galaxy S25 Ultra | Galaxy S26 Ultra (लीक) |
|---|---|---|
| बैटरी | 5,000mAh | 5,000mAh (कोई बदलाव नहीं) |
| थिकनेस | 8.6mm | 7.9mm |
| कैमरा मॉड्यूल | स्टैंडर्ड डिजाइन | पिल-शेप्ड डिजाइन |
| कॉर्नर्स | शार्प | राउंडर |
| कूलिंग सिस्टम | स्टैंडर्ड | रीडिजाइन्ड |
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Samsung Galaxy S26 Ultra बड़े बदलावों के बजाय रिफाइनमेंट पर फोकस करता है। अगर आप मैसिव बैटरी लाइफ अपग्रेड की उम्मीद कर रहे थे, तो यह फोन आपको एक्साइट नहीं कर सकता। हालांकि स्लिमर डिजाइन और बेहतर कूलिंग सिस्टम निश्चित रूप से यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाएंगे।



