Bathroom Mirror Vastu: आजकल हर घर के बाथरूम में शीशा लगाना एक आम बात हो गई है। लोग अपने होम डेकोर और इंटीरियर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए घर के किसी भी कोने में आईना लगा देते हैं। ज्यादातर लोगों को वास्तु शास्त्र से कोई खास मतलब नहीं होता और वे सिर्फ डिजाइन और सुविधा को ध्यान में रखकर शीशा लगवा लेते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं, कि गलत तरीके से लगाया गया आईना आपके जीवन पर कितना नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का हर कोना हमारी उन्नति, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि पर गहरा असर डालता है। खासतौर पर बाथरूम जैसी जगह जहां नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होने की सबसे अधिक संभावना रहती है।
पानी का प्रवाह-
बाथरूम वह स्थान है, जहां पानी का प्रवाह होता है और वास्तु में पानी को धन और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। अगर यहां वास्तु नियमों का पालन न किया जाए तो यह पूरे घर की पॉजिटिव एनर्जी को नुकसान पहुंचा सकता है। बाथरूम में लगे आईने का इसमें बहुत बड़ा योगदान होता है क्योंकि शीशा ऊर्जा को रिफ्लेक्ट करता है। चलिए जानते हैं बाथरूम में शीशा लगाने के कुछ जरूरी वास्तु नियम जो आपके घर को सुखी और समृद्ध बनाए रखेंगे।
दिशा का चुनाव है सबसे महत्वपूर्ण-
वास्तु के अनुसार बाथरूम में आईना हमेशा पूर्व यानी ईस्ट या उत्तर यानी नॉर्थ दिशा की दीवार पर ही लगाना चाहिए। इन दिशाओं को पॉजिटिविटी का केंद्र माना जाता है। उत्तर दिशा में लगा आईना धन और समृद्धि को आकर्षित करता है जबकि पूर्व दिशा स्वास्थ्य और मान-सम्मान में सुधार लाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूलकर भी दक्षिण या पश्चिम दिशा की दीवार पर आईना नहीं लगाना चाहिए क्योंकि यह घर में क्लेश और आर्थिक समस्याएं ला सकता है।
आईने का सही आकार चुनें-
अपने बाथरूम में हमेशा चौकोर यानी स्क्वायर या आयताकार यानी रेक्टेंगुलर शेप का आईना ही लगाएं। वास्तु शास्त्र में इन आकारों को संतुलन का प्रतीक और बेहद शुभ माना गया है। गोल या अंडाकार आईने बाथरूम में लगाने से बचना चाहिए क्योंकि ये एनर्जी को अनकंट्रोल्ड तरीके से रिफ्लेक्ट कर सकते हैं जिससे घर के सदस्यों में मानसिक तनाव और बेचैनी पैदा हो सकती है। अगर आप पहले से गोल आईना लगा चुके हैं तो जितनी जल्दी हो सके उसे बदल दें।
ऊंचाई का रखें खास ख्याल-
आईना लगाते समय यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि यह न तो बहुत ऊपर हो और न ही बहुत नीचे। जब आप शीशे में अपना चेहरा देखें तो वह पूरी तरह से क्लियर और कंप्लीट दिखना चाहिए। आधा या कटा हुआ चेहरा दिखना वास्तु में बेहद अशुभ माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा होने से व्यक्ति के आत्मविश्वास में कमी आती है और करियर में बाधाएं आ सकती हैं।
दरवाजे के सामने शीशा है खतरनाक-
बाथरूम के दरवाजे के ठीक सामने कभी भी आईना लगाना सबसे बड़ी गलती मानी जाती है। वास्तु के अनुसार जब बाथरूम का दरवाजा खुलता है तो नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। अगर सामने आईना लगा होगा तो वह उस नेगेटिव एनर्जी को रिफ्लेक्ट करके वापस पूरे घर में फैला देगा। इससे घर में क्लेश, बीमारियां और आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं।
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साफ-सुथरा शीशा है जरूरी-
आईने की साफ-सफाई पर भी खास ध्यान देना चाहिए। शीशे पर धुंधलापन, पानी के दाग या गंदगी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। गंदा आईना न केवल नेगेटिविटी बढ़ाता है बल्कि आर्थिक तंगी का कारण भी बनता है। साथ ही अगर आपका आईना कहीं से चटका या टूटा हुआ है तो उसे तुरंत हटा दें। टूटा हुआ शीशा गंभीर वास्तु दोष पैदा करता है और घर में दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ा देता है। नियमित रूप से अपने बाथरूम के शीशे को साफ करते रहें ताकि पॉजिटिव एनर्जी बनी रहे।
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