Winter Drinks: आपने देखा होगा, कि आजकल हर दूसरा इंसान विटामिन सी की गोलियां, जिंक सप्लीमेंट्स और न जाने कौन-कौन से इम्युनिटी बूस्टर खरीद रहा है। हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन सर्दी-खांसी पीछा नहीं छोड़ती। फिर एक दिन आप अपनी दादी या मां के पास पहुंचते हैं, वो एक गिलास गर्म ड्रिंक थमा देती हैं और कहती हैं, “बस यही पी ले, दो दिन में ठीक हो जाएगा और हैरानी की बात यह है, कि सच में आराम मिल जाता है।
यह कोई जादू नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही वो समझदारी है, जो आज के जमाने में भी उतनी ही कारगर है। सर्दियों में भारतीय घरों में कुछ खास ड्रिंक बनाए जाते हैं, जो न सिर्फ गर्माहट देते हैं, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत भी बनाते हैं।
कश्मीरी कहवा-

कश्मीरी कहवा सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि एक एक्सपीरियंस है। जब आप पहली बार इसे पीते हैं, तो लगता है, कि चाय तो है ही नहीं। न दूध है, न चीनी का ज्यादा इस्तेमाल। लेकिन पहले घूंट के बाद ही समझ आता है, कि यह क्यों सदियों से कश्मीरी घरों का हिस्सा रहा है।
ग्रीन टी में केसर के धागे, इलायची, दालचीनी और कुछ बादाम डालकर बनाई जाने वाली यह कहवा खाने के बाद पेट को हल्का रखती है। सर्दियों में जब शरीर थोड़ा सुस्त पड़ जाता है, तो कहवा में मौजूद मसाले खून के प्रवाह को बढ़ाते हैं और केसर एक अलग किस्म की गर्माहट देता है, जो शांत करने वाली होती है।
हल्दी दूध-
अगर भारत का कोई एक ड्रिंक पूरी दुनिया में फेमस हुआ है, तो वो है हल्दी वाला दूध, जिसे विदेशों में गोल्डन मिल्क के नाम से बेचा जा रहा है। लेकिन हमारे यहां यह कोई ट्रेंड नहीं, बल्कि सदियों पुराना इलाज है। बचपन में जब भी गला खराब होता था, घुटने में चोट लगती थी या फिर नींद नहीं आती थी, तो मां हल्दी दूध बनाकर देती थी और अब साइंस भी मान चुकी है।

हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन एक पावरफुल एंटी-इंफ्लेमेटरी कंपाउंड है। इसमें काली मिर्च मिलाने से इसका असर कई गुना बढ़ जाता है। सर्दियों की रातों में सोने से पहले एक गिलास गर्म हल्दी दूध पीना एक रिचुअल है, जो न सिर्फ शरीर बल्कि दिमाग को भी आराम देता है।
खट्टी-मीठी कांजी-
नॉर्थ इंडिया में सर्दियों में एक खास ड्रिंक बनती है, जिसका नाम है कांजी। चुकंदर, गाजर, सरसों के बीज और काला नमक मिलाकर कुछ दिनों तक फर्मेंट करके बनाई जाने वाली यह ड्रिंक देखने में थोड़ी अजीब लग सकती है और पहली बार में इसका स्वाद भी अजीब लगेगा। लेकिन जो लोग इसे पीते हैं, वे जानते हैं कि यह पाचन तंत्र के लिए कितनी फायदेमंद है। सर्दियों में जब डाइजेशन स्लो हो जाता है, तो कांजी का खट्टापन और मसाले पेट को एक्टिव रखते हैं।
काली मिर्च वाला दूध-

वहीं साउथ इंडिया में काली मिर्च वाला दूध बनाया जाता है, जो खांसी और कंजेशन के लिए रामबाण है। काली मिर्च शरीर में गर्मी पैदा करती है और गले और सीने को साफ करने में मदद करती है। यह ड्रिंक रात को सोने से पहले लेने पर बहुत जल्दी असर दिखाती है।
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रागी माल्ट-
फिंगर मिलेट यानी रागी से बनने वाला रागी माल्ट साउथ इंडियन घरों में सर्दियों की सुबह का एक जरूरी हिस्सा है। यह सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि एक कंप्लीट ब्रेकफास्ट की तरह है। रागी में फाइबर और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो लंबे समय तक एनर्जी देते हैं।
जब गर्म करके पिया जाए, तो यह घंटों तक पेट भरा रखता है और पाचन को भी सपोर्ट करता है। बच्चों और बुजुर्गों को अक्सर यह दिया जाता है, जो इस बात का सबूत है, कि यह कितना भरोसेमंद और पौष्टिक है। सर्दियों की सुबह जब शरीर को एक्स्ट्रा एनर्जी की जरूरत होती है, तो रागी माल्ट परफेक्ट च्वॉइस है।
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