India Pakistan Flood Alert: पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए भारत की एक बड़ी मानवीय पहल सामने आई है। भारत की तरफ से दी गई, समय रहते बाढ़ की चेतावनी से पाकिस्तान के डेढ़ लाख लोगों की जान बचाई गई है। दरअसल भारत सरकार ने तावी नदी में अत्यधिक बाढ़ की संभावना को लेकर पाकिस्तान को तत्काल अलर्ट भेजा था।
तावी नदी में बाढ़ का खतरा-
भारत के उत्तरी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण मुख्य डैमों से अतिरिक्त पानी छोड़ना पड़ा, जिससे पाकिस्तान में बाढ़ का गंभीर खतरा बढ़ गया था। पाकिस्तान में अब तक 800 से अधिक लोगों ने इस प्राकृतिक आपदा में अपनी जान गंवाई है। लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई थी।
विदेश मंत्रालय के जरिए भेजे गए ये चेतावनी संदेश मानवीय आधार पर भेजे गए थे, जैसा कि पीटीआई की रिपोर्ट में एक अधिकारी का हवाला देते हुए बताया गया है।
कैसे बची 1.5 लाख लोगों की जान-
सोमवार को पहली चेतावनी भेजे जाने के बाद पाकिस्तान सरकार को अपने नागरिकों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर भेजने का मौका मिल गया। इस समयबद्ध चेतावनी की वजह से डेढ़ लाख पाकिस्तानी लोगों की जान बचाई जा सकी। भारतीय अधिकारियों ने मंगलवार और बुधवार को भी लगातार चेतावनियां भेजी थीं। अधिकारी का कहना था, कि हमने कल (मंगलवार) और आज (बुधवार) तावी नदी में बाढ़ की अधिक संभावना के बारे में चेतावनी जारी की। भारतीय क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश के कारण कुछ बांधों के फाटक खोलने पड़े।
भौगोलिक संदर्भ और नदी प्रणाली-
तावी नदी हिमालय से निकलकर जम्मू प्रभाग से होकर गुज़रती है और अंततः पाकिस्तान में चिनाब नदी में मिल जाती है। यह भौगोलिक संबंध दोनों देशों की साझा जिम्मेदारी बनाती है। जब भी ऊपरी हिस्से में पानी का स्तर बढ़ता है, तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा रहता है। हाल की खबरों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना की मदद से सतलुज, रावी और चिनाब के आसपास के निचले इलाकों से लोगों की निकासी लगातार जारी है। यह कार्यवाही दिन-रात चल रही है और हज़ारों परिवारों को सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है।
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मानवीयता का संदेश-
यह घटना एक शक्तिशाली संदेश देती है, कि प्राकृतिक आपदाओं के समय मानवता सभी सीमाओं को पार कर जाती है। भारत की यह पहल दिखाती है, कि जब मासूम जिंदगियों का सवाल आता है, तो राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर मानवीय सहायता करना ज़रूरी होता है।
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