Psychological Signs of Lying
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    Psychological Signs of Lying: क्या आपने कभी सोचा है, कि कोई आपसे झूठ बोल रहा है, लेकिन आप कन्फर्म नहीं कर पाए? झूठ पकड़ना वाकई मुश्किल काम है, लेकिन साइकोलॉजी की मदद से आप कुछ ही सेकंडों में किसी झूठे इंसान को पहचान सकते हैं। आइए जानते हैं, वो 5 साइकोलॉजिकल साइन्स जो किसी लायर की पहचान करा सकते हैं।

    आंखों में आंखें डालकर बात करना-

    अक्सर लोग सोचते हैं, कि झूठ बोलने वाला इंसान आपकी आंखों में नहीं देखता। लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की रिसर्च ने एक चौंकाने वाली बात सामने रखी है। असल में, झूठ बोलने वाले लोग 70% समय तक आंखों में आंखें डालकर ही बात करते हैं।

    यह एक डिलिबरेट अटेम्प्ट होती है, खुद को सच्चा साबित करने की। 2012 के PLOS One स्टडी ने भी यह मिथ तोड़ दिया, कि झूठे लोग बाईं ओर देखते हैं। तो अगली बार अगर कोई बहुत ज्यादा आई कॉन्टैक्ट बना रहा है, तो थोड़ा अलर्ट हो जाइए।

    खुद को अच्छा लायर बताना-

    2019 की PLOS One स्टडी में एक दिलचस्प बात सामने आई। जो लोग खुद को गुड लायर बताते हैं, वो सच में झूठ बोलने में माहिर होते हैं। रिसर्चर्स ने पाया, कि सेल्फ-आइडेंटिफिकेशन, लाई डिटेक्टर टेस्ट से भी ज्यादा सटीक इंडिकेटर है। यानी अगर कोई मजाक में भी कहे, कि “मैं तो झूठ बोलने में एक्सपर्ट हूं”, तो हो सकता है. वो सच कह रहा हो। ऐसे लोगों के साथ थोड़ा सावधान रहना जरूरी है।

    मुंह या आंखें ढकना-

    जब कोई झूठ बोलता है, तो अक्सर वो अपना मुंह ढक लेता है या आंखें बंद कर लेता है। यह एक सबकॉन्शियस जेस्चर है, जो दिखाता है, कि इंसान अपनी झूठी बात को छुपाना चाहता है। साइकोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, यह बॉडी लैंग्वेज सामने वाले की रिएक्शन से बचने की कोशिश होती है। अगर किसी की बॉडी लैंग्वेज डिफेंसिव लग रही है और वो बार-बार अपना चेहरा छू रहा है, तो यह एक रेड फ्लैग हो सकता है।

    आवाज में बदलाव-

    झूठ बोलते समय इंसान की वॉयस में भी बदलाव आता है। लायर्स अक्सर हाई-पिच्ड या क्रीकी वॉइस में बात करते हैं। कभी-कभी वो डिफेंसिव होकर अपनी वॉल्यूम भी बढ़ा देते हैं। यह वोकल चेंज स्ट्रेस और नर्वसनेस का नतीजा होता है। अगर किसी की आवाज में अचानक से बदलाव आ रहा है या वो ज्यादा तेज बोल रहा है, तो यह झूठ का संकेत हो सकता है।

    जरूरत से ज्यादा डिटेल्स देना-

    हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की रिसर्च के अनुसार, झूठ बोलने वाले लोग अक्सर ज्यादा शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। वो अपनी स्टोरी में एक्स्ट्रा डिटेल्स जोड़ते हैं, जिससे उनकी बात बिलीवेबल लगे। जब कोई किसी सिंपल सवाल का बहुत लंबा जवाब दे रहा है और ऐसी डिटेल्स बता रहा है जो जरूरी नहीं हैं, तो हो सकता है, वो आपको कन्विंस करने की कोशिश कर रहा हो। सच बोलने वाले लोग आमतौर पर स्ट्रेटफॉरवर्ड और टू-द-पॉइंट होते हैं।

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    इन साइन्स को समझकर आप किसी झूठे इंसान को आसानी से पहचान सकते हैं। लेकिन याद रखें, ये सिर्फ इंडिकेटर्स हैं, कन्फर्मेशन नहीं। हर इंसान अलग होता है और कभी-कभी ये साइन्स नर्वसनेस या दूसरी वजहों से भी दिख सकते हैं। फिर भी, इन प्वाइंट्स को ध्यान में रखकर आप बेहतर तरीके से लोगों को समझ सकते हैं और अपने आप को धोखे से बचा सकते हैं।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।