Jeffrey Epstein Death
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    Jeffrey Epstein Death: अमेरिका के कुख्यात फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन की मौत एक बार फिर चर्चा में है। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में एपस्टीन की मौत हो गई थी, जब वह सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में ट्रायल का इंतजार कर रहा था। उस समय न्यूयॉर्क मेडिकल एग्जामिनर ऑफिस ने इसे आत्महत्या करार दिया था, लेकिन अब एक सीनियर फोरेंसिक पैथोलॉजिस्ट ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दोबारा जांच की मांग की है।

    डॉक्टर माइकल बैडेन, जो एपस्टीन के परिवार की तरफ से पोस्टमॉर्टम के दौरान मौजूद थे, का कहना है, कि एपस्टीन की मौत फांसी से आत्महत्या की बजाय गला घोंटकर की गई हत्या जैसी लगती है।

    कौन हैं डॉक्टर माइकल बैडेन और क्या है उनका दावा-

    टाइम्स नाउ के मुताबिक, डॉक्टर माइकल बैडेन अमेरिका के जाने-माने फोरेंसिक पैथोलॉजिस्ट हैं, जिन्होंने कई हाई-प्रोफाइल केसों की जांच की है। 2019 में एपस्टीन के पोस्टमॉर्टम के दौरान वह परिवार की ओर से ऑब्जर्वर के तौर पर मौजूद थे। हालांकि उन्होंने खुद पोस्टमॉर्टम नहीं किया, लेकिन उन्होंने पूरी प्रक्रिया को बारीकी से देखा था। द टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में डॉ. बैडेन ने कहा, कि एपस्टीन की मौत फांसी की बजाय गला घोंटने से हुई लगती है।

    उन्होंने कहा, कि सभी उपलब्ध जानकारी को देखते हुए मौत के कारण और तरीके की और जांच जरूरी है। उन्होंने 2019 में फॉक्स न्यूज को बताया था, कि सबूत हत्या की तरफ इशारा करते हैं और वह आज भी अपनी इस राय पर कायम हैं। उनका कहना है, कि पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कोई स्टडी या इंवेस्टिगेशन नहीं हुई।

    गर्दन में तीन फ्रैक्चर और संदिग्ध निशान-

    डॉ. बैडेन ने कुछ ऐसे पॉइंट्स उठाए हैं, जो उनके मुताबिक गहरी जांच की मांग करते हैं। उन्होंने बताया, कि एपस्टीन की गर्दन में तीन अलग-अलग फ्रैक्चर मिले थे, एक बाईं ओर की हाइओइड बोन में और दो थायरॉइड कार्टिलेज में। डॉ. बैडेन ने कहा, कि अपने 50 साल के करियर में उन्होंने न्यूयॉर्क की किसी भी जेल में आत्महत्या के केस में तीन फ्रैक्चर कभी नहीं देखे। उनका कहना है, कि ये चोटें होमिसाइडल स्ट्रैंगुलेशन यानी गला घोंटकर की गई हत्या से ज्यादा मेल खाती हैं।

    इसके अलावा एपस्टीन की गर्दन पर जो निशान थे, वे कथित तौर पर ऑरेंज बेडशीट से बनी रस्सी से मैच नहीं करते। डॉ. बैडेन का मानना है, कि इन निशानों के लिए किसी दूसरे प्रकार की चीज की जरूरत होती। उन्होंने यह भी कहा, कि एपस्टीन के शरीर को संभालने में लापरवाही की वजह से जरूरी सबूत नष्ट हो गए होंगे।

    जेल में क्या हुआ था उस रात-

    एपस्टीन को सुबह करीब 6:30 बजे अपनी सेल के बेड से लटका हुआ पाया गया था। गार्ड्स को हर 30 मिनट में उसे चेक करना था, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे ऐसा करने में फेल रहे। सबसे बड़ी बात यह है, कि उसकी सेल के पास लगे सर्विलांस कैमरे या तो काम नहीं कर रहे थे या रिकॉर्ड नहीं हो रहे थे।

    CCTV फुटेज में उस रात 11:58 बजे से 12:00 बजे के बीच का एक मिनट मिसिंग मिला। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने एपस्टीन से जुड़ी लाखों फाइलें रिलीज की थीं, जिसमें पोस्टमॉर्टम की रिडैक्टेड कॉपी भी थी। उस डॉक्यूमेंट में मौत का तरीका ‘पेंडिंग’ लिखा था और सुसाइड और होमिसाइड दोनों के बॉक्स खाली छोड़े गए थे।

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    आधिकारिक रुख बनाम सवाल-

    न्यूयॉर्क मेडिकल एग्जामिनर ऑफिस की तत्कालीन चीफ डॉ. बारबरा सैम्पसन ने एपस्टीन की मौत को सुसाइड बाय हैंगिंग करार दिया था और वह आज भी अपने फैसले पर कायम हैं। FBI और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौर के जस्टिस डिपार्टमेंट ने भी कहा, कि कोई सबूत नहीं है, कि एपस्टीन की हत्या की गई थी।

    लेकिन डॉ. बैडेन जैसे अनुभवी फोरेंसिक एक्सपर्ट्स के सवाल इस केस को फिर से खोलने की मांग कर रहे हैं। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई ताकतवर लोगों के नाम जुड़े थे, जिससे पूरी दुनिया में इस पर नजर है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।