Iran Protests
    Photo Source - Google

    Iran Protests: शुक्रवार देर शाम इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों के चेहरों पर राहत साफ दिख रही थी। बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और अयातुल्ला खामेनेई के शासन द्वारा व्यापक प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई के बीच, इन नागरिकों ने वहां की भयावह परिस्थितियों का सामना किया था।

    वापस लौटे नागरिकों ने सुनाई अपनी कहानी (Iran Protests)-

    ईरान से लौटे एक भारतीय नागरिक ने वहां की स्थिति को “बहुत खराब” बताते हुए भारत सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “वहां की स्थिति बहुत खराब है। भारत सरकार बहुत सहयोग कर रही है और एंबेसी ने हमें जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की जानकारी दी। ‘मोदी जी है तो हर चीज मुमकिन है’।”

    एक अन्य नागरिक ने एएनआई से बात करते हुए बताया, “हम वहां एक महीने से थे, लेकिन पिछले एक या दो हफ्तों से ही परेशानी हो रही थी। जब हम बाहर निकलते थे तो प्रदर्शनकारी कार के सामने आ जाते थे। वे थोड़ी परेशानी करते थे। इंटरनेट बंद था, इसलिए हम अपने परिवार को कुछ नहीं बता सकते थे। हम एंबेसी से भी संपर्क नहीं कर पाए, इसलिए हम थोड़े चिंतित थे।”

    जम्मू-कश्मीर के छात्र ने बताया खतरनाक अनुभव-

    जम्मू-कश्मीर के एक भारतीय नागरिक ने वापस लौटने पर कहा, “मैं जम्मू-कश्मीर का निवासी हूं। वहां के protests खतरनाक थे। भारत सरकार ने बहुत अच्छा प्रयास किया और students को वापस ले आई।”

    भारत सरकार ने जारी की एडवाइजरी-

    तेहरान में भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों, जिनमें छात्र, व्यवसायी, तीर्थयात्री और पर्यटक शामिल हैं, से कहा था कि वे कमर्शियल फ्लाइट्स सहित उपलब्ध परिवहन साधनों के माध्यम से ईरान छोड़ दें। साथ ही विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली से एक और एडवाइजरी जारी कर भारतीयों को जारी घटनाक्रम को देखते हुए आगे की सूचना तक ईरान की यात्रा से बचने की दृढ़ता से सलाह दी थी।

    मंत्रालय ने स्पष्ट किया है, कि वह घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी कर रहा है और अपने नागरिकों की भलाई के लिए “जो भी आवश्यक हो” करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    ईरान में हिंसक प्रदर्शन और सरकारी कार्रवाई-

    कार्यकर्ताओं के अनुसार, ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में 3,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। अमेरिका स्थित HRANA समूह ने बताया कि उसने 3,090 मौतों की पुष्टि की है, जिनमें 2,885 प्रदर्शनकारी शामिल हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि क्रैकडाउन ने अभी के लिए व्यापक रूप से प्रदर्शनों को शांत कर दिया है और राज्य मीडिया ने अधिक गिरफ्तारियों की रिपोर्ट दी है।

    ये भी पढ़ें- ससुराल में दामाद की मौत, शादी के महीने भर बाद युवक की गोली मारकर हत्या

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों को फांसी दिए जाने पर “बहुत मजबूत कार्रवाई” की धमकी दी थी, ने कहा कि तेहरान के नेताओं ने सामूहिक फांसी रद्द कर दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं इस बात का बहुत सम्मान करता हूं, कि ईरान के नेतृत्व द्वारा कल होने वाली सभी निर्धारित फांसी (उनमें से 800 से अधिक) रद्द कर दी गई हैं। धन्यवाद!”

    ये भी पढ़ें- SBI लॉकर से गायब हुए 1.5 करोड़ के जेवरात, बैंक की सुरक्षा पर उठे सवाल

    हालांकि, ईरान ने ऐसी योजना की घोषणा नहीं की थी और न ही कहा था, कि उसने उन्हें रद्द किया है।

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।