Kolkata Police ED Controversy
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    Kolkata Police ED Controversy: गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम और दूरगामी असर डालने वाला आदेश देते हुए कोलकाता पुलिस द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई FIR पर रोक लगा दी। यह मामला I-PAC के को-फाउंडर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के IT सेल प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर ED द्वारा की गई छापेमारी से जुड़ा है। कोर्ट के इस फैसले ने एक बार फिर केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच टकराव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

    क्या है पूरा मामला?

    दरअसल, ED ने हाल ही में प्रतीक जैन के परिसरों पर छापेमारी की थी। इसके बाद कोलकाता पुलिस ने ED अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे, कि क्या यह जांच एजेंसी के काम में दखल है या कानून के दायरे में लिया गया कदम। इसी FIR को चुनौती देते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां शीर्ष अदालत ने तत्काल प्रभाव से उस पर रोक लगा दी।

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    केंद्र बनाम राज्य की सियासी गर्मी-

    यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। TMC और केंद्र सरकार के बीच पहले से ही तल्ख रिश्ते रहे हैं। ऐसे में ED की कार्रवाई और उसके जवाब में राज्य पुलिस की FIR ने सियासी पारा और चढ़ा दिया। विपक्ष का आरोप है, कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, जबकि केंद्र का कहना है, कि कानून अपना काम कर रहा है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।