America Postal Service: अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ पॉलिसी का असर अब दुनियाभर की पोस्टल सर्विसेज पर दिखाई दे रहा है। भारत, इटली, यूके, फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड्स समेत कई देशों ने अमेरिका के लिए अपनी पोस्टल सर्विसेज को टेम्परेरी सस्पेंड कर दिया है। यह फैसला ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा लो-वैल्यू पैकेजेस पर टैरिफ एक्जेम्प्शन खत्म करने की घोषणा के बाद आया है।
जुलाई में ट्रंप ने एक एक्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किया था, जिसमें लंबे समय से चले आ रहे डी मिनिमिस एक्जेम्प्शन को वापस ले लिया गया। यह एक्जेम्प्शन 800 डॉलर से कम वैल्यू के पैकेजेस को अमेरिका में बिना ड्यूटी के आने की इजाजत देता था। अब इस नए फैसले के साथ यह एक्जेम्प्शन 29 अगस्त को खत्म होने वाला है।
पोस्ट यूरोप की चिंता और स्पष्टता की मांग-
हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, पोस्टल सर्विसेज, इंक्लूडिंग पोस्ट यूरोप, का कहना है, कि अभी भी रूल्स क्लियर नहीं हैं और वे ज्यादा स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं। एक प्रेस स्टेटमेंट में पोस्ट यूरोप, जो यूरोपीय पोस्टल ऑपरेटर्स की ट्रेड एसोसिएशन है, ने कहा, कि “पोस्ट यूरोप मेंबर्स को पोस्टल नेटवर्क्स के जरिए यूएसए में गुड्स की शिपिंग को टेम्परेरी रेस्ट्रिक्ट या सस्पेंड करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।” कंपनियों द्वारा नए रूल्स की स्पष्टता की तलाश करने के दौरान, ये वे देश हैं जिन्होंने पोस्टल डिलीवरीज को सस्पेंड कर दिया है।
भारत की चुनौती और सरकार का रुख-
भारत में भी अमेरिका के लिए पोस्टल सर्विसेज टेम्परेरी तौर पर सस्पेंड हैं। सरकार का कहना है, कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ से कन्फ्यूजन पैदा हुई है। भारत की कम्यूनिकेशन मिनिस्ट्री ने कहा, कि एक्जीक्यूटिव ऑर्डर में अमेरिका द्वारा अप्रूव्ड अन्य “क्वालिफाइड पार्टीज” से टैरिफ ड्यूटीज कलेक्ट और रेमिट करने की जरूरत है।
हालांकि मिनिस्ट्री ने एक स्टेटमेंट में कहा, कि “क्वालिफाइड पार्टीज” के डेसिग्नेशन और ड्यूटी कलेक्शन और रेमिटेंस के मेकेनिज्म से जुड़े कई क्रिटिकल प्रोसेसेज अभी भी अनडिफाइंड हैं। यह अस्पष्टता भारतीय पोस्टल सर्विस को मुश्किल में डाल रही है।
जर्मनी और इटली का सख्त फैसला-
ड्यूश पोस्ट जर्मनी ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी दी, कि प्राइवेट और बिजनेस कस्टमर्स के लिए यूएसए को पोस्टल शिपमेंट्स पर टेम्परेरी रेस्ट्रिक्शन्स लगाए जाएंगे। पोस्टनॉर्ड, जो नॉर्डिक लॉजिस्टिक्स कंपनी है और इटली की पोस्टल सर्विस ने शनिवार से इसी तरह के सस्पेंशन की घोषणा की।
पोस्ते इटालियाने ने शुक्रवार को कहा, “यूएस अथॉरिटीज से अलग इंस्ट्रक्शन्स के अभाव में पोस्ते इटालियाने को दूसरे यूरोपीय पोस्टल ऑपरेटर्स की तरह 23 अगस्त से यूनाइटेड स्टेट्स के लिए गुड्स वाली तमाम शिपमेंट्स का एक्सेप्टेंस टेम्परेरी सस्पेंड करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।” हालांकि मर्चेंडाइज नहीं रखने वाली मेल शिपमेंट्स को एक्सेप्ट करना जारी रहेगा।
यूके और नीदरलैंड्स की रणनीति-
यूके की रॉयल मेल ने भी यूएस को शिपमेंट्स हॉल्ट करने का फैसला किया है, ताकि उन पैकेजेस को ड्यूटीज किक इन होने से पहले पहुंचने का टाइम मिल सके। इसने कहा, कि यूके से ओरिजिनेट होने वाले 100 डॉलर से ज्यादा वैल्यू के आइटम्स पर 10 परसेंट ड्यूटी लगेगी।
नीदरलैंड्स में पोस्ट एनएल के स्पोक्समैन वाउट विट्टेवीन ने कहा, कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन नई ड्यूटीज के साथ आगे बढ़ रही है। इसके बावजूद, कि यूएस अथॉरिटीज के पास उन्हें कलेक्ट करने का सिस्टम नहीं है। उन्होंने कहा, कि पोस्ट एनएल अपने यूएस काउंटरपार्ट्स के साथ मिलकर सोल्यूशन खोजने में लगी है। शिपिंग सर्विसेज के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “अगर आपके पास अमेरिका को भेजने के लिए कुछ है तो आपको आज ही करना चाहिए।”
ऑस्ट्रिया और फ्रांस की तैयारी-
ऑस्ट्रियन पोस्ट ने भी दिशा दी, कि यूएस के लिए कमर्शियल शिपमेंट्स का लास्ट एक्सेप्टेंस मंगलवार को होगा, जिसमें प्यूर्टो रिको भी शामिल है। फ्रांस की नेशनल पोस्टल सर्विस ला पोस्ते ने कहा, कि यूएस ने फुल डिटेल्स नहीं दीं या फ्रेंच पोस्टल सर्विस को नए कस्टम्स प्रोसीजर्स की तैयारी के लिए काफी टाइम नहीं दिया। एक स्टेटमेंट में उन्होंने कहा, “यूएस कस्टम्स सर्विसेज के साथ डिस्कशन के बावजूद, पोस्टल ऑपरेटर्स को रीऑर्गेनाइज करने और नए रूल्स के अनुरूप जरूरी कंप्यूटर अपडेट्स सुनिश्चित करने के लिए कोई टाइम नहीं दिया गया।”
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चाइना पर पहले से ही लगी रोक-
यूएस में चाइना से गुड्स के लिए ड्यूटी-फ्री एक्जेम्प्शन मई में ही खत्म हो गई थी, जो ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की लो-कॉस्ट चाइनीज प्रोडक्ट्स की अमेरिकी खरीदारी को लिमिट करने की कोशिशों का हिस्सा था। हालांकि दूसरे देशों से शिपमेंट्स के लिए एक्जेम्प्शन को एक्सटेंड किया जा रहा है।
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