AVM Brain Disease: अलिसिया फैरिनियार्ज एक 44 वर्षीय महिला थी, जो फिट और स्वस्थ जीवन जी रही थी। वह एक लेखाकार का काम करती थी और अपनी जिंदगी से खुश थी। लेकिन अचानक उसकी जिंदगी तब बदल गई, जब टेनिस खेलते समय उसे स्ट्रॉक आया और वह कोर्ट पर गिर पड़ी। जब अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने बताया, कि उसे एवीएम (धमनी शिरा विकृति) नाम की एक अत्यंत दुर्लभ ब्रेन डिजीज है।
यह कहानी हम सभी के लिए एक चेतावनी है, कि कभी भी अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अलिसिया के साथ, जो हुआ वह किसी के साथ भी हो सकता है, इसलिए इस बीमारी के बारे में जानना जरूरी है।
20 साल तक नजरअंदाज होते रहे लक्षण-
अलिसिया को 20 की उम्र से ही तेज सिरदर्द होने लगे थे। साथ ही उसे बेहोशी के दौरे और अत्यधिक थकान भी होती रहती थी। जब भी वह डॉक्टर के पास जाती थी, तो डॉक्टर उसकी समस्या को माइग्रेन या साइनस की समस्या मानकर दर्द निवारक दवा दे देते थे।
उसका कहना है, कि डॉक्टर हमेशा उसकी बात को गंभीरता से नहीं लेते थे। वे सोचते थे, कि यह सिर्फ काम के तनाव की वजह से हो रहा है। लेकिन साल दर साल उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी और दर्द असहनीय हो रहा था। अलिसिया का कहना है, “अगर शुरुआत में ही सीटी स्कैन कराया गया होता, तो शायद इस बीमारी का पता चल जाता और मुझे इस हालत से नहीं गुजरना पड़ता।”
टेनिस कोर्ट पर आया था स्ट्रॉक-
पिछले साल जब अलिसिया टेनिस खेल रही थी, तब अचानक उसे स्ट्रॉक आया और वह कोर्ट पर बेहोश होकर गिर पड़ी। तुरंत अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला, कि उसके दिमाग में एवीएम नाम की बीमारी है। डॉक्टरों ने बताया, कि उसके दिमाग में तीन इंच का एवीएम था जो फट गया था। इससे उसके शरीर का दाहिना हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया और वह तीन दिन तक कोमा में रही। यह एक ऐसा पल था, जिसने उसकी पूरी जिंदगी बदल दी।
क्या है एवीएम-
एवीएम यानी धमनी शिरा विकृति एक बेहद दुर्लभ मस्तिष्क रोग है। इसमें दिमाग की रक्त नलिकाओं में असामान्य उलझाव हो जाता है जो देखने में पक्षियों के घोंसले की तरह लगता है। यह धमनियों और शिराओं के बीच सामान्य रक्त प्रवाह को बाधित कर देता है।
सामान्यतः हमारे शरीर में धमनियों से शिराओं में रक्त का प्रवाह केशिकाओं के जरिए होता है। लेकिन एवीएम में यह केशिका तंत्र दरकिनार हो जाता है। इससे उच्च दबाव वाला धमनी रक्त सीधे शिराओं में चला जाता है, जो इस दबाव को संभालने के लिए तैयार नहीं होती हैं। यह बीमारी अक्सर जन्म के समय से ही मौजूद होती है, लेकिन कई बार इसकी पहचान बहुत बाद में होती है। खासकर तब जब यह फट जाती है और रक्तस्राव हो जाता है।
एवीएम के संकेत जो नजरअंदाज न करें-
विशेषज्ञों के अनुसार एवीएम के कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं। अगर आपको ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सबसे आम लक्षण है लगातार तेज सिरदर्द होना जो सामान्य दर्द निवारक दवाओं से ठीक नहीं होता। इसके अलावा अचानक दौरे आना भी एक बड़ा संकेत है, चाहे व्यक्ति बेहोश हो या न हो। मांसपेशियों में कमजोरी या पूर्ण लकवा भी हो सकता है। मतली और उल्टी, सुन्नता और झुनझुनी की संवेदना, चक्कर आना भी इस बीमारी के संकेत हो सकते हैं। गतिविधि, बोलचाल, याददाश्त, सोच, संतुलन या दृष्टि में समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में मानसिक भ्रम, भ्रम और मनोभ्रंश भी देखा गया है।शारीरिक लक्षणों में पीठ दर्द, सांस लेने में तकलीफ, खून वाली कफ, पेट दर्द, दर्द और सूजन भी शामिल हैं।
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15 प्रतिशत लोगों में नहीं दिखते लक्षण-
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है, कि लगभग 15 प्रतिशत एवीएम मरीजों में कोई लक्षण नजर नहीं आते। अक्सर इस बीमारी का पता तभी चलता है, जब यह रक्तस्राव करना शुरू कर देती है। यही कारण है, कि यह इतनी खतरनाक मानी जाती है।
अलिसिया का कहना है, “मेरी जिंदगी उस दिन खत्म हो गई जब मुझे स्ट्रॉक आया और मैं अभी भी इसे वापस पाने की कोशिश कर रही हूं। मुझे अपनी पसंदीदा चीजें छोड़नी पड़ी हैं जैसे साइकलिंग, दौड़ना, नाचना, कुत्ते के साथ घूमना। अब मैं वो व्यक्ति नहीं रही जो पहले थी।”
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