Delhi School Fees Control: दिल्ली में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। अभिभावकों की नाराजगी और लगातार विरोध प्रदर्शनों के चलते दिल्ली सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने स्कूल फीस को विनियमित करने के लिए एक नया विधेयक लाने की मंजूरी दे दी है, जिससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले कई हफ्तों से चिंतित माता-पिता शिक्षा निदेशालय (DoE) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग स्पष्ट थी – स्कूल प्रशासन द्वारा की गई अचानक और अनुचित फीस वृद्धि को वापस लिया जाए। जैसे-जैसे आवाजें बुलंद हुईं, शिक्षा विभाग ने भी सक्रियता दिखाते हुए उन निजी स्कूलों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है जो बिना किसी अनुमति के फीस बढ़ा रहे हैं।
Delhi School Fees Control स्कूलों को सख्त चेतावनी-
शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को सख्त चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भी स्कूल अवैध रूप से फीस बढ़ाता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि स्कूल की मान्यता रद्द करने और आवश्यकता पड़ने पर स्कूल का प्रबंधन सरकार अपने हाथों में लेने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
“हमारे बच्चों की शिक्षा पर मनमानी फीस वृद्धि के कारण अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जा सकता,” एक वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया। “कई स्कूल महंगाई और अन्य खर्चों का हवाला देकर फीस बढ़ा रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे मनमाने तरीके से किसी भी राशि की मांग कर सकते हैं।”
Delhi School Fees Control नए विधेयक में क्या है खास-
दिल्ली कैबिनेट ने हाल ही में एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों में फीस ढांचे को नियंत्रित करना है। यह विधेयक जल्द ही विधानसभा में पेश किया जाएगा और पारित होते ही यह कानून का रूप ले लेगा।
इस नए विधेयक के तहत, एक तीन-स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया जाएगा जो स्कूल, जिला और राज्य स्तर पर काम करेगी। इसके अलावा, सरकार द्वारा तैयार किए गए दिशानिर्देशों का पालन करना हर स्कूल के लिए अनिवार्य होगा। यदि कोई स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए नियमों के तहत, किसी भी स्कूल को फीस बढ़ाने से पहले सरकारी मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। यह कदम निश्चित रूप से अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
अभिभावकों की प्रतिक्रिया-
इस पहल पर अभिभावकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली अभिभावक संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा, “यह हमारी लंबे समय से चली आ रही मांग थी। हम चाहते हैं कि शिक्षा सस्ती और सुलभ हो, न कि व्यापार का साधन बने। सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है।”
वहीं, दो बच्चों की मां सुनीता वर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “हर साल फीस बढ़ने से हमारा बजट बिगड़ जाता है। अब उम्मीद है कि स्कूल मनमानी नहीं कर पाएंगे और हम अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा उचित कीमत पर दिला सकेंगे।”
गर्मी से राहत के संकेत-
इसी बीच, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। लगातार बढ़ते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित किया है, लेकिन मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस लू से जल्द ही राहत मिल सकती है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि आने वाले दिनों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि गर्मी से पूरी तरह निजात नहीं मिलेगी।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान-
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
1-2 मई को राजधानी में तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश हो सकती है, जिससे अधिकतम तापमान घटकर 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसके बाद 4-5 मई को फिर से हल्की बारिश के आसार हैं, जिससे तापमान 24 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
स्कूलों के लिए निर्देश-
गर्मी के मद्देनजर, दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को कुछ जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इनमें दोपहर की सभा स्थगित करना और गर्मी में बच्चों को इकट्ठा न करना शामिल है। साथ ही, स्कूलों को खुले में कक्षाएं नहीं लगाने और सभी पाठ केवल इनडोर ही कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, बाहरी गतिविधियां जैसे खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियां फिलहाल स्थगित रखने को कहा गया है। स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सभी कक्षाएं ठंडी और हवादार हों, हर कक्षा में पंखों की उचित व्यवस्था हो, और वेंटिलेशन का भी ध्यान रखा जाए।
आम जनता के लिए सावधानियां-
आम नागरिकों के लिए भी कुछ जरूरी सावधानियां बताई गई हैं। धूप में निकलते समय छाता या टोपी का उपयोग करें और खूब पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। विशेष रूप से दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस समय सूरज की किरणें सबसे तेज होती हैं।
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“बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि वे गर्मी से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं,” एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया। “लू से बचाव के लिए नींबू पानी, छाछ और ORS का सेवन फायदेमंद हो सकता है।”
दिल्ली के निवासी रोहित मेहरा का कहना है, “पिछले कुछ दिनों से गर्मी बहुत ज्यादा है। अगर बारिश होती है तो राहत मिलेगी। फिलहाल तो ऑफिस जाते समय और लौटते वक्त बहुत परेशानी होती है।”
इस प्रकार, दिल्ली वासियों के लिए दोहरी खुशखबरी है – एक तरफ स्कूल फीस पर लगाम लगने की उम्मीद है, तो दूसरी ओर गर्मी से भी जल्द ही कुछ राहत मिल सकती है।
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