Ruchi Tiwari
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    Ruchi Tiwari: दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में शुक्रवार दोपहर एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन अचानक हिंसक टकराव में बदल गया। UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में हो रहे, इस प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर कथित रूप से हमले की घटना ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया। अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले और उकसावे के आरोप लगा रहे हैं। यह घटना सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि जाति, राजनीति और मीडिया की भूमिका से जुड़े गहरे सवाल उठाती है।

    Ruchi Tiwari ने क्या आरोप लगाए हैं-

    रुचि तिवारी ने आरोप लगाया है, कि प्रदर्शन के दौरान उन पर भीड़ ने हमला किया। उनका दावा है, कि लोगों ने उनकी जाति और पहचान जानने के बाद उन्हें निशाना बनाया। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में धक्का-मुक्की और तिवारी को घेरे जाना दिखता है।

    न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए तिवारी ने कहा, “वीडियो हर जगह है, लोग खुद देख सकते हैं, कि किसने किसको उकसाया। मैं एक पत्रकार हूं, जो प्रदर्शन कवर करने आई थी। एक मीडिया कर्मी ने मेरा ध्यान खींचने के लिए मेरा नाम लिया। मैं उनके पास गई, तो उन्होंने मेरा पूरा नाम और जाति पूछी। फिर पूरी भीड़ मेरी तरफ आ गई और मुझ पर हमला कर दिया। करीब 500 लोगों ने मुझ पर हमला किया।”

    तिवारी का आरोप है, कि उनके आसपास की लड़कियों ने उनके कान में रेप की धमकी दी, सिर्फ इसलिए क्योंकि वे ब्राह्मण हैं। उन्होंने कहा, “उन्होंने कहा ‘आज तू चल, तेरा नंगा परेड निकलेगा।’ आसपास के लड़कों ने कहा, कि वे मुझे सबक सिखाएंगे। लड़कियों ने मुझे बाहों और गर्दन से पकड़ रखा था। यह हत्या का प्रयास है। मैं बेहोश हो गई थी, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।”

    तिवारी ने दिल्ली पुलिस के पास FIR दर्ज कराई है और आरोप लगाया, कि भीड़ के सदस्यों ने उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की और अनुचित तरीके से छुआ।

    कौन हैं Ruchi Tiwari?

    रुचि तिवारी खुद को ग्राउंड रिपोर्टर और पत्रकार बताती हैं। वे ‘ब्रेकिंग ओपिनियन’ नाम का एक यूट्यूब चैनल चलाती हैं, जिस पर 59,000 से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं और 467 वीडियो हैं। उनके चैनल पर राजनीतिक मुद्दों, धर्म और जाति के मसलों पर वीडियो मिलते हैं। वे अक्सर राष्ट्रवादी नजरिए से प्रदर्शनों, पब्लिक रिएक्शन और सामाजिक मुद्दों को कवर करती हैं। कुछ दिन पहले उन पर जानबूझकर छात्रों को भड़काने और दलितों का मजाक उड़ाने का आरोप लगा था।

    दोनों छात्र समूहों ने क्या कहा-

    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने लेफ्ट से जुड़े छात्रों पर हमले का आरोप लगाया है। ABVP दिल्ली राज्य सचिव सार्थक शर्मा ने इसे मीडिया पर हमला बताते हुए कहा, कि यह कायरतापूर्ण कृत्य लेफ्ट-विंग पॉलिटिक्स के असली चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की।

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    दूसरी ओर, लेफ्ट-विंग छात्र समूह इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने आरोपों को खारिज कर दिया और दावा किया, कि उनके सदस्यों पर हमला हुआ। AISA के राष्ट्रीय महासचिव प्रसेनजीत कुमार ने आरोप लगाया, कि हंगामा तब शुरू हुआ, जब पत्रकार तिवारी ने दलित समुदाय के एक दूसरे यूट्यूबर को धक्का दिया। उन्होंने कहा, कि यह ABVP द्वारा पूर्व नियोजित था और राइट-विंग यूट्यूबर्स अपने एजेंडे के साथ आते हैं। यह घटना दिखाती है, कि कैंपस पॉलिटिक्स कितनी संवेदनशील हो गई है और कैसे छोटे-छोटे मुद्दे बड़े टकराव में बदल जाते हैं।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।