गलत तरीके से जप करने से नहीं मिलता पूरा फल, जानिए सही विधि
माला जप का महत्वहिंदू धर्म में जप को साधना का आधार माना गया है। माला जप से मन को शांति मिलती है और भक्त अपने इष्ट देव के करीब महसूस करता है।
कौन-सी माला और कितने दाने?जप के लिए 27 या 108 दानों की माला प्रयोग करें, रुद्राक्ष की माला सबसे शुभ मानी जाती है। 27 दाने 27 नक्षत्रों का और 108 पूर्णता का प्रतीक है।
सुमेरु और उंगलियों का नियममाला के सिरे पर स्थित दाने को सुमेरु कहते हैं, इसे कभी लांघना नहीं चाहिए। जप अंगूठे और अनामिका उंगली से करें, तर्जनी से नहीं।
माला जपने की सही विधिजप करते समय माला को कपड़े या गोमुखी में ढकें, शांत जगह पर आसन बिछाकर बैठें। इससे जप की ऊर्जा सुरक्षित रहती है।
सही नियमों से किया गया माला जप, मन की शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है। नियम अपनाएं और जप को फलदायी बनाएं।