धन और आय का संबंध कुंडली से होता है, ज्योतिष में दूसरा भाव धन और ग्यारहवां भाव आय का होता है। इन भावों की कमजोरी मेहनत के बावजूद पैसा रोक लेती है।“ॐ शुक्राय नमः” या संबंधित ग्रह का मंत्र रोज 108 बार जपें। बटुए को साफ और व्यवस्थित रखें।
धन देवी को प्रसन्न करने का सरल तरीका, लक्ष्मी अष्टकम या कनकधारा स्तोत्र का पाठ मन और वातावरण से अभाव की भावना हटाता है। घी का दीपक जलाकर जप करें, धन के साथ मानसिक शांति भी बढ़ेगी।