जब मन डर, भ्रम, चिंता या सेल्फ-डाउट से भर जाए, बस आँखें बंद करें और देवी दुर्गा की दिव्य शक्ति को याद करें। ये मंत्र आपको भीतर से मजबूत बनाते हैं।
ये 5 दुर्गा मंत्र तुरंत जगाएँगे आपके अंदर की शक्ति
यह सबसे शक्तिशाली दुर्गा मंत्र माना जाता है। अर्थ “मां दुर्गा को प्रणाम, जो दुख दूर कर रक्षा करती हैं।” यह एक दिव्य ढाल की तरह काम करता है। तनाव, नकारात्मकता या उलझन हो, यह मंत्र तुरंत मन को स्थिर करता है।
“ॐ दूं दुर्गायै नमः”
दुर्गा सप्तशती का प्रसिद्ध श्लोक। अर्थ “जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति रूप में स्थित हैं, उन्हें बार-बार नमन।” यह मंत्र क्लिएरिटी, आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाता है। खासकर उन महिलाओं के लिए लाभदायक जो आत्म-संदेह से जूझ रही हैं।
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता…
एक बेहद शांतिदायक और सौम्य स्तुति। अर्थ “हे गौरी, जो सर्व शुभ हैं, आपको प्रणाम।” मानसिक उलझन, भावनात्मक थकान और नकारात्मक विचारों को दूर करता है। यह मन में पॉज़िटिविटी और शांति बढ़ाता है।
सर्व मंगल मांगल्ये…
छोटा लेकिन अत्यंत प्रभावशाली मंत्र। अर्थ “मैं देवी दुर्गा को प्रणाम करता/करती हूँ।” अगर जीवन में खोए हुए महसूस कर रहे हों, यह मंत्र आपकी इनर पायर को जगाता है। 108 बार जप करने से मन तुरंत अपलिफ्ट होता है।
ॐ देवी दुर्गायै नमः
दुर्गा गायत्री मंत्र बाधाएँ दूर करने वाला। अर्थ “हम मां कात्यायनी का ध्यान करते हैं, वे हमारे मन को प्रेरित करें।” जब फैसले कठिन हों या मार्ग स्पष्ट न हो, यह मंत्र साहस, इंट्यूशन और विलपावर बढ़ाता है। ये पाँच मंत्र हर कठिन समय में आपका आत्मविश्वास लौटाते हैं।